कभी सोचा है कि आपका दिमाग कितना भागता रहता है? पल भर के लिए भी शांत नहीं बैठता। चिंताएँ, यादें, भविष्य की प्लानिंग… ये सब एक साथ चलते रहते हैं। ऐसे में योग और माइंडफुलनेस की प्रैक्टिस आपके लिए वरदान साबित हो सकती है। ये कोई रॉकेट साइंस नहीं है, बस अपने आप से जुड़ने का एक तरीका है। यही वजह है कि हमने तैयार की है योग और माइंडफुलनेस की शुरुआत के लिए एक आसान गाइड, जिसमें ध्यान और प्राणायाम जैसी बुनियादी चीजों को भी समझाया गया है।
मैंने खुद महसूस किया है कि जब से मैंने इन आदतों को अपनाया है, तनाव कम हुआ है और फोकस बढ़ा है। और मैं अकेली नहीं हूँ। एक स्टडी के मुताबिक, रोजाना सिर्फ 10 मिनट का माइंडफुलनेस अभ्यास मानसिक स्वास्थ्य में 30% तक सुधार ला सकता है। कमाल है, ना?
तो चलिए, इस सफर की शुरुआत एकदम आसान स्टेप्स से करते हैं। कोई जटिल बात नहीं, बस आप और आपकी सांसें।
योग और माइंडफुलनेस: दोस्त या दुश्मन?
बहुत से लोग सोचते हैं कि योग सिर्फ शरीर को मोड़ने-तोड़ने का नाम है। और माइंडफुलनेस सिर्फ बैठकर आँखें बंद करने का। पर असल में, ये दोनों एक-दूसरे की पूरक हैं। योग शरीर के जरिए दिमाग तक पहुँचता है, और माइंडफुलनेस दिमाग के जरिए पूरे शरीर में शांति फैलाती है।
इसे ऐसे समझिए, जैसे आपकी कार का इंजन और स्टीयरिंग। अलग-अलग काम, पर एक साथ मिलकर चलते हैं आपको आगे बढ़ाने के लिए।
शुरुआत करने के लिए आसान योगासन (Yoga Poses)
पहला rule: परफेक्ट होने की जिद छोड़ दीजिए! यहाँ जर्नी मैटर्स करती है, न कि डेस्टिनेशन। इन आसनों से शुरुआत करें:
1. ताड़ासन (Mountain Pose)
ये बिल्कुल आसान लगता है, पर इसमें महारत हासिल करनी होती है। सीधे खड़े हो जाएँ, पैर जमीन से जुड़े हों, हथेलियाँ सामने की ओर। गहरी सांस लें और अपने पूरे शरीर में होने वाले एहसास पर ध्यान दें। ये पोज आपको ग्राउंडेड feel करवाता है।
2. बालासन (Child’s Pose)
तनाव दूर करने का ये रामबाण इलाज है। घुटनों के बल बैठ जाएँ और आगे की ओर झुककर माथे से जमीन छूने की कोशिश करें। हाथों को आगे या पीछे रख सकते हैं। इस पोज में आपको सुरक्षित और सिक्योर feel होगा।
3. भुजंगासन (Cobra Pose)
पेट के बल लेट जाएँ और हथेलियों को छाती के पास रखकर सिर और छाती को ऊपर उठाएँ। ये पीठ के लिए बहुत अच्छा है और थकान दूर करता है।
🔥 Pro tip: हर पोज में कम से कम 3-5 लंबी गहरी सांसें जरूर लें।
माइंडफुलनेस: दिमाग को ट्रेन करने की कला
माइंडफुलनेस का मतलब है, पल में जीना। बिना किसी judgement के अपने विचारों और feelings को observe करना। जैसे आप किसी नदी के किनारे बैठे हैं और विचार पानी की तरह बहते जा रहे हैं, आप बस देख रहे हैं।
शुरुआत कैसे करें?
- सांस पर ध्यान दें: दिन में सिर्फ 2 मिनट के लिए बैठ जाएं। आँखें बंद करें और सिर्फ अपनी सांस के आने-जाने पर focus करें। दिमाग भटके तो उसे वापस सांस पर ले आएं।
- रोजमर्रा के काम consciously करें: चाय पीते हुए उसकी खुशबू, गर्माहट और स्वाद feel करें। फोन चलाते हुए नहीं!
- बॉडी स्कैन करें: लेटकर अपना ध्यान पैर