चलिए ईमानदारी से बात करते हैं? आजकल हर कोई प्रोटीन पाउडर निगल रहा है, जैसे कल किडनी फेल होनी ही नहीं। ये प्रोटीन की अधिकता का जमाना है, लेकिन क्या आपको सच में इतनी ज़रूरत है? मैंने खुद एक दोस्त को देखा जो रोज़ 200 ग्राम प्रोटीन लेता था, और फिर… उसकी रिपोर्ट ने उसे चौंका दिया। सवाल ये है कि कितना प्रोटीन लेना चाहिए ताकि गुर्दे सुरक्षित रहें?

ईमानदारी से कहूं तो, आप जितना सोचते हैं, उससे कहीं कम प्रोटीन आपकी किडनी के लिए काफी है। ये किडनी के लिए प्रोटीन का सुरक्षित नंबर शायद आपको हैरान कर देगा। एक स्टडी के मुताबिक, जो लोग लंबे समय तक हाई प्रोटीन डाइट लेते हैं, उनमें किडनी खराब होने का खतरा 50% तक बढ़ जाता है। तो चलिए, इस मिथक को तोड़ते हैं कि जितना प्रोटीन उतना फायदा।

मान लीजिए, आप जिम में पसीना बहाते हैं और सोचते हैं कि 2 ग्राम प्रोटीन प्रति किलो वजन लेना ज़रूरी है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा कि आपकी किडनी पर क्या गुज़र रही है? प्रोटीन से किडनी खराब होना कोई मज़ाक नहीं है। ये एक साइलेंट किलर की तरह काम करता है, जो धीरे-धीरे आपके फिल्टर को कमजोर करता है।

किडनी फिल्टर का गणित: 0.8 या 1.6?

आपको जानकर हैरानी होगी कि एक स्वस्थ इंसान के लिए किडनी सुरक्षित प्रोटीन मात्रा सिर्फ 0.8 ग्राम प्रति किलो वजन है। मतलब, अगर आपका वजन 70 किलो है, तो आपको सिर्फ 56 ग्राम प्रोटीन चाहिए। ये एक अंडा, एक कटोरी दाल और एक गिलास दूध से पूरा हो जाता है। फिर ये 2 ग्राम प्रोटीन का क्रेज़ कहां से आया?

एक अध्ययन से पता चला कि जो लोग लंबे समय तक 1.6 ग्राम प्रोटीन प्रति किलो लेते हैं, उनकी किडनी की फिल्टरिंग क्षमता 12% तक घट जाती है। ये वही लोग हैं जो बाद में पूछते हैं, “मेरी किडनी में पथरी क्यों हुई?” तो मेरे प्यारे दोस्त, हाई प्रोटीन डाइट के नुकसान को हल्के में मत लो।

कब होती है प्रोटीन की अधिकता खतरनाक?

कल्पना करो तुम्हारी किडनी एक छलनी है। अगर तुम उस पर बहुत ज्यादा प्रोटीन का बोझ डालो, तो छलनी फट जाएगी। या धीरे-धीरे बंद हो जाएगी। प्रोटीन की अधिकता से बचने के लिए कुछ संकेतों को पहचानो:

  • पेशाब में झाग आना (ये सबसे पहला लक्षण है)
  • पैरों या आंखों के नीचे सूजन
  • थकान जो कम नहीं होती
  • पीठ के निचले हिस्से में दर्द
  • पेशाब का रंग गहरा होना

मैंने एक बार एक क्लाइंट को देखा जो रोज़ 4 एग व्हाइट, 2 स्कूप प्रोटीन और चिकन लेता था। उसकी किडनी ने काम करना बंद कर दिया था। 32 साल का लड़का, डायलिसिस पर! आप समझ सकते हैं, प्रोटीन और गुर्दे का स्वास्थ्य सीधे जुड़ा हुआ है।

वो सुरक्षित नंबर जो चौंका देगा

तैयार हो जाओ, क्योंकि ये नंबर आपकी सोच बदल देगा। किडनी के लिए प्रोटीन की सुरक्षित ऊपरी सीमा है: 1.2 ग्राम प्रति किलो वजन। हां, आपने सही पढ़ा! अगर आप एथलीट या बॉडीबिल्डर हैं, तो भी इससे ज्यादा लेना रिस्की है। कोई भी रिसर्च ये साबित नहीं करती कि 2 ग्राम लेना जरूरी है। ये तो सिर्फ सप्लीमेंट कंपनियों का मार्केटिंग गेम है।

एक और मजेदार बात: 78% लोग जो हाई प्रोटीन डाइट पर हैं, उन्हें पता नहीं कि उनकी किडनी पर क्या गुज़र रही है। ये आंकड़ा मैंने एक हेल्थ रिपोर्ट में पढ़ा। हैरान