क्या आपने कभी गौर किया है? कुछ खाने के बाद आपका सिरदर्द अचानक बढ़ जाता है। ये कोई कॉइनसिडेंस नहीं है। बल्कि आपकी प्लेट में छुपा एक ट्रिगर है। माइग्रेन से जूझ रहे लोगों के लिए डाइट एक बड़ा गेम-चेंजर हो सकती है। मैं आज आपको बताने जा रहा हूँ कि माइग्रेन से बचना है तो ये 10 चीजें आज ही खाना छोड़ दें। एक छोटा सा बदलाव, आपके तेज सिरदर्द का इलाज बन सकता है।
हो सकता है आप बहुत सारी स्वास्थ्य टिप्स फॉलो कर रहे हों। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ ‘हेल्दी’ फूड्स भी आपके दर्द की वजह बन सकते हैं? चलिए, इस पहेली को सुलझाते हैं।
माइग्रेन सिर्फ सिरदर्द नहीं है। ये एक न्यूरोलॉजिकल कंडीशन है। जहां दिमाग की नसें बेहद सेंसिटिव हो जाती हैं। और हमारी डाइट इन नसों को सीधे प्रभावित करती है। एक स्टडी के मुताबिक, 20% से ज्यादा माइग्रेन के कारण डाइट से जुड़े होते हैं। हैरानी की बात है ना?
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कुछ चीजें तो जाहिर सी हैं, जैसे कॉफी। लेकिन कुछ ऐसे भी हैं जो चुपके से आपको टार्गेट करते हैं। इन्हें पहचानना जरूरी है।
1. एज्ड चीज और प्रोसेस्ड मीट
पिज्जा पर चढ़ा चीज या सैंडविच में डली सॉसेज। यम्मी लगता है ना? लेकिन इनमें टायरामाइन नाम का कंपाउंड होता है। ये ब्लड वेसल्स को कॉन्स्ट्रिक्ट और फिर डाइलेट कर देता है। जिससे माइग्रेन अटैक ट्रिगर हो सकता है। पुराने चीज (चेडर, पार्मेसन) में ये ज्यादा होता है।
2. आर्टिफिशियल स्वीटनर (खासकर एस्पार्टेम)
डाइट कोक पीकर कैलोरी बचाने का सोच रहे हैं? थोड़ा रुकिए। एस्पार्टेम एक्साइटोटॉक्सिन की तरह काम करता है। यानी यह दिमाग की नर्व सेल्स को ओवर-स्टिमुलेट कर देता है। मेरी एक क्लाइंट ने डाइट सोडा छोड़कर अपने अटैक 70% तक कम कर लिए थे। सोचने वाली बात है।
3. मोनोसोडियम ग्लूटामेट (MSG)
ये सिर्फ चाइनीज फूड में नहीं होता। पैकेट वाले सूप, इंस्टेंट नूडल्स, चिप्स, फ्रोजन रेडी-टू-ईट मील्स में भी भरपूर MSG होता है। यह नर्व सेल्स को ओवर-एक्साइट कर देता है। जिससे वो थक जाती हैं और दर्द का सिग्नल देने लगती हैं। अगली बार इंग्रेडिएंट लिस्ट जरूर पढ़ें।
4. कुछ ताजे फल और मेवे
ये सुनकर अजीब लगा ना? केला, पपीता, एवोकाडो और खट्टे फल (संतरा, नींबू) में भी टायरामाइन या हिस्टामाइन हो सकता है। इसी तरह, मूंगफली और कुछ तरह के बीज भी ट्रिगर कर सकते हैं। मतलब ये नहीं कि इन्हें खाना ही छोड़ दें। बस, ध्यान रखें कि कहीं ये आपके लिए प्रॉब्लम तो नहीं हैं।
5. अल्कोहल (खासकर रेड वाइन और बीयर)
यहाँ सिर्फ हैंगओवर की बात नहीं है। अल्कोहल डिहाइड्रेशन करता है और ब्लड फ्लो बढ़ाता है। रेड वाइन में टायरामाइन और सल्फाइट्स दोनों होते हैं। डबल व्हैमी! कई लोगों को सिर्फ एक घूंट से ही अटैक शुरू हो जाता है।
अब तक की बातें तो काफी कॉमन थीं। चलिए, अब कुछ ‘हिडन ट्रिगर्स’ पर बात करते हैं। जिन पर शायद ही किसी का ध्यान गया हो।
