कभी ऐसा महसूस हुआ? जैसे दुनिया की सारी हवा अचानक खत्म हो गई हो। मैं वहाँ थी। मेरा मानसिक स्वास्थ्य एकदम से बिगड़ गया था। यह सिर्फ तनाव नहीं था, बल्कि कुछ गहरा था। यह मेरी मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता की यात्रा की शुरुआत थी। आज मैं आपके साथ मानसिक स्वास्थ्य: मेरा अनुभव साझा करने जा रही हूँ। यह सिर्फ एक कहानी नहीं है। यह उम्मीद की एक किरण है।

सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा था। नौकरी थी, दोस्त थे, फैमिली थी। फिर अचानक एक दिन, सब कुछ अजीब लगने लगा। उठने का मन नहीं करता था। छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आता। दिल हमेशा भारी-भारी रहता। मैंने सोचा, शायद थकान है। लेकिन यह थकान नहीं थी। यह अवसाद का पहला संकेत था। और मैं इससे अनजान थी।

मान लीजिए आपका दिमाग एक गद्दा है। अगर आप उसपर लगातार कूदेंगे, तो वह फट जाएगा। बिल्कुल वैसे ही, बिना ब्रेक लिए काम करना आपके मानसिक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। मैंने यह सब ठीक उसी तरह किया। मैंने अपनी feelings को ignore किया। नतीजा? मैं टूट गई।

वह पल जब मैंने महसूस किया: “यह सिर्फ बुरा दिन नहीं है”

एक रात, मैं बिस्तर पर लेटी हुई थी। और मैं रोई। बिना किसी वजह के। घंटों रोती रही। उस दिन मैंने खुद से पूछा – “क्या यह सचमुच सिर्फ एक बुरा दिन है?” जवाब ‘न’ था। मैंने पहली बार महसूस किया कि यह एक मानसिक बीमारी हो सकती है। WHO के मुताबिक, दुनिया भर में लगभग 280 million लोग अवसाद से पीड़ित हैं। और मैं उनमें से एक थी।

मदद मांगना सबसे मुश्किल कदम था। समाज में mental health को लेकर इतनी गलतफहमियाँ हैं ना! लोग कहते, “यार, ज़्यादा सोचती है,” या “ध्यान लगाओ, सब ठीक हो जाएगा।” लेकिन यह इतना आसान नहीं था। मैंने finally एक therapist से बात करने का फैसला किया। और यही मेरी life का सबसे अच्छा decision साबित हुआ।

मेरी रिकवरी का सफ़र: छोटे-छोटे कदम

ठीक होना overnight नहीं हुआ। यह एक लंबी प्रक्रिया थी। मेरे therapist ने मुझे कुछ techniques सिखाईं। मैंने रोज़ाना छोटे-छोटे goals set किए। जैसे आज 10 मिनट धूप में बैठूंगी। या आज एक दोस्त को call करूंगी। इन छोटे steps ने मुझे वापस जीवन में लौटाया।

वो चीज़ें जिन्होंने मेरी मदद की:

  • बात करना: अपने feeligns को दबाने के बजाय, उन्हें share करना।
  • रूटीन: सोने, जागने, खाने का एक fixed schedule बनाना।
  • मदद लेना: यह कोई weakness नहीं, बल्कि strength है। World Health Organization के अनुसार, सही देखभाल से ज़्यादातर mental health conditions का इलाज संभव है।

मैंने meditation और yoga भी शुरू किया। honestly, पहले तो लगा ये सब cliché है। लेकिन इसने मेरे तनाव प्रबंधन में कमाल की help की। deep breathing exercises करने से तुरंत anxiety कम होती थी।

आज मैं कहाँ हूँ: एक नई शुरुआत

आज, मैं पहले से कहीं ज़्यादा strong हूँ। क्या मैं पूरी तरह ठीक हूँ? शायद नहीं। bad days अभी भी आते हैं। लेकिन अब मैं उन्हें handle करना जानती हूँ। मेरा यह मानसिक स्वास्थ

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